Chhath pooja 2021 : जाने कब और क्यों मनाया जाता है छठ पर्व

पर्वChhath pooja 2021 : जाने कब और क्यों मनाया जाता है छठ पर्व

छठ पर्व – छठ पूजा दिवाली के ठीक छह दिन बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष के छठे दिन मनाया जाता है। छठ सूर्य उपासना का एक महान पर्व है क्योंकि पूरे विश्व में सूर्य को काल जय कहा जाता है, सूर्य ही एकमात्र दृश्य देवता हैं और वे सारे जगत के नेत्र हैं। उपनिषदों में सूर्य को ब्रह्मा, विष्णु और महेश कहा गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि उगते और अस्त होते सूर्य की पूजा करने से ज्ञान और पूर्ण सुख की प्राप्ति होती है और उपासक को सदैव सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत में छठ माता की भी पूजा की जाती है.

कहां मनाया जाता है छठ पर्व

सूर्य उपासना का यह छठ पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत में नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। लेकिन छठ मय्या की महिमा अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी इस पर्व का विस्तार हो गया है। जहां लोग आस्था के त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। छठ पर्व सिर्फ एक दिन का नहीं है बल्कि यह महापर्व कुल चार दिनों तक चलता है। स्नान से लेकर उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने तक चलने वाले इस पर्व का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है।

छठ पूजा की इतिहास और मान्यताएं

छठ पर्व की शुरुआत कैसे हुई, इसके पीछे कई ऐतिहासिक कहानियां हैं, जब से यह पर्व मनाया जाता है। आज उनके बारे में जानेंगे। कहानियों और लोक कथाओं से पता चलता है कि छठ पर्व हजारों साल पहले से मनाया जा रहा है। पुराणों और शास्त्रों में वर्णित सूर्य की उपासना इसकी पुष्टि करती है।

एक मान्यता के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। जब कुंती ने सूर्य की पूजा की और उन्हें एक पुत्र हुआ, तो कर्ण सूर्य की पूजा किया करते थे। कर्ण भगवान सूर्य का परम भक्त था और वह प्रतिदिन घंटों अपनी कमर तक जल में खड़े रहकर सूर्य को अर्घ्य देता था। सूर्य की कृपा से ही वे एक महान योद्धा बने। छठ में आज भी अर्घ्य देने की यह परंपरा प्रचलित है।