5 yoga for acidity : जानिए पेट गैस के लिए योग।

Right way to live life.5 yoga for acidity : जानिए पेट गैस के लिए योग।

इस पोस्ट में पेट गैस के लिए योग की जानकारी दी गई है योगासनों के नियमित अभ्यास से एसिडिटी और गैस्ट्रिक प्रॉब्लम से बचा जा सकता है। हम जानेंगे पेट गैस के लिए योग (pet ki gas ke liye yoga) आज के समय में एसिडिटी एक आम समस्या बन गई है असाधारण जीवन और अनियमित भोजन के कारण ही यह समस्या बड़ी है आज बच्चों से लेकर बड़ों तक गैस्ट्रिक प्रॉब्लम(gastric problem) से ग्रसित मिल जाते हैं जिसके कारण यह कई रोगों का कारण बनती है।

गैस और एसिडिटी से व्यक्ती को छाती में दर्द होना, जलन, खट्टी डकार आना, पितृदोष बढ़ना कई समस्याओं से जूझना पड़ता है।

यह सामान्यतः अधिकार मात्रा में मिर्च मसालेदार खाना तैलीय भोजन, अधिक समय तक भूखे रहने, शराब व केफिन युक्त पदार्थों का अधिक सेवन,धुम्रपान आदि गैस और एसिडिटी बनने के प्रमुख कारण है। एसिडिटी को जेल पाना बहुत मुश्किल है इस कारण लोग परेशानी में रहते हैं। एसिडिटी से राहत पाने में कुछ योग (yoga for acidity)आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं।

यहां एसिडिटी और गैस के लिए योग (yoga for acidity and gas) दिए गए हैं जिनके नियमित अभ्यास से आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं। इस आर्टिकल में पेट गैस से राहत दिलाने वाले पांच योगासनों (yoga for acidity)के बारे में जानकारी दी गई है तो आइए जानते हैं पेट गैस के लिए योग, pet gas ke liye yoga

पेट गैस के लिए योग। yoga for acidity and gas in hindi.

पवनमुक्तासन

पेट गैस के लिए योग की बात करें तो पवनमुक्तासन का नाम सबसे पहले आता है। पवनमुक्तासन तीन शब्दों से मिलकर बना है पवन+मुक्त+आसन। अर्थात आसन की ऐसी मुद्रा जिसमें दूषित वायु से छुटकारा मिलता है। इसी कारण इसे पवनमुक्तासन कहते हैं। इस आसन को पीठ के बल लेटकर करते है।

पवनमुक्तासन को अंग्रेजी में gas release pose भी कहते है। यह सबसे अच्छा पेट गैस के लिए योग है इस योग को करने से पेट की अतिरिक्त वायु रिलीज होती है इस कारण यह हमें गैस संबंधी परेशानियों (gastric problem) और अन्य बीमारियों से भी बचाता है ।

विधि –

  • इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम अपना आसन लगाएं और सीधे पीठ के बल भूमि पर लेट जाएं।
  • अब अपने बाएं पैर को ऊपर की ओर धीरे-धीरे उठाए और घुटने से मोड़कर छाती पर लगाए।
  • दोनों हाथों की सहायता से पैर को अच्छी तरह कसकर पकड़े।
  • अब गर्दन को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए घुटने से स्पर्श कराएं।
  • इसके बाद पुनः अपनी सामान्य स्थिति में आ जाए।
  • अब यही प्रक्रिया दूसरे पांव के साथ भी दोहराए। जैसा की चित्र में दिखाया गया है।
  • पवनमुक्तासन व पवनमुक्तासन पूर्ण की संपूर्ण जानकारी के लिए दिए गए चित्र पर क्लिक करें
yoga for acidity : जानिए पेट गैस के लिए योग।
पेट गैस के लिए योग। pet gas ke liye yoga.
पवनमुक्तासन – पेट गैस के लिए योग

पवनमुक्तासन के अभ्यास के साथ ही पवनमुक्तासन पूर्ण का भी अभ्यास करें इसकी विधि पवनमुक्तासन के ही समान है यह आसन दोनों पैरों से किया जाता है। यह एक उत्तम प्रकार का एसिडिटी और गैस के लिए योग (yoga for acidity and gas) हैं इसके अभ्यास से आपको गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।

नौकासन

यह भी एक लाभदायक पेट गैस के लिए योग हैं इसमें शरीर नौका की आकृति ग्रहण करता है इस कारण इसे नौकासन कहा जाता है। इस आसन में पेट व कमर की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है जिससे कब्ज व एसिडिटी(acidity) से राहत दिलाता है।

विधि –

  • इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को एक साथ लगा ले।
  • इसके बाद गहरी सांस लें और चित्र में दिखाएं अनुसार हाथों को पैरों की ओर खींचते हुए पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
  • ध्यान रहे कि आपके हाथों की अंगुलियां ,पैरों की अंगुलियां और आंखें एक सीध में होने चाहिए।
  • कुछ देर पेट की मांसपेशियों में हो रहे खिंचाव को महसूस करें और फिर पुनः अपनी स्थिति में आ जाए।
yoga for acidity : जानिए पेट गैस के लिए योग।
पेट गैस के लिए योग। pet gas ke liye yoga.
नौकासन – पेट गैस के लिए योग।

यह आसन एसिडिटी(acidity) से राहत दिलाता है और पेट की कठोरता को दूर करता है।

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन योग प्रभावशाली व अत्यंत लाभकारी पेट गैस के लिए योग है। यह योग करने में थोड़ा कठिन लग सकता है किंतु इस योग को नियमित रूप से करने से एसिडिटी से छुटकारा मिलता है और पेट की अन्य समस्याएं भी दूर होती हैं।

विधि –

  • इस योग को करने के लिए सर्वप्रथम जमीन पर अपना आसन बिछा ले।
  • आसन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाए और दोनों पैरों की एडी व अंगूठे को मिलाएं।
  • अब कमर में से आगे की ओर झुकते हुए हाथों की हथेलियों को पंजों पर रख दे व नाक को घुटनों पर लगाए। ध्यान रहे कि इस आसन को करते समय पांव सीधे रहने चाहिए।
  • इसके बाद हाथों से पाव के पंजों को खींचते हुए कोहनियाँ जमीन पर टिकाए। इस स्थिति में शरीर को कुछ सेकंड तक रोके।
  • इसके बाद पुनः अपनी सामान्य स्थिति में आ जाए।
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पेट गैस के लिए योग। pet gas ke liye yoga.
यहां क्लिक करें पश्चिमोत्तानासन – पेट गैस के लिए योग

पश्चिमोत्तानासन को करने से कमर, कुल्हे व पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है जिससे मांसपेशियां मजबूत होती है इस योग को निरंतर करने से एसिडिटी की प्रॉब्लम में राहत दिलाता है।

वज्रासन

यह सबसे सरल प्रकार का योगाभ्यास है इसे आलसी व्यक्ति भी आसानी से कर सकते हैं वज्रासन को खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है इसे करने से शरीर मजबूत होता है पाचन शक्ति बढ़ती है और वायु विकार दूर होते हैं। वज्रासन एक लाभकारी पेट गैस के लिए योग है इसलिए यदि आपको भी एसिडिटी की प्रॉब्लम है तो आप इस आसन को आसानी से कर सकते हैं।

विधि – इस आसन को करने के लिए घुटनों को मोड़कर पंजों के बल बैठ जाए जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। दोनों पैरों के अंगूठे साथ मिलने चाहिए और ऐडीया कुछ दूरी पर होनी चाहिए। वज्रासन को करते समय शरीर का सारा भार पैरों पर आ जाता है इस समय कमर को सीधा रखना चाहिए।

yoga for acidity : जानिए पेट गैस के लिए योग।
पेट गैस के लिए योग। pet gas ke liye yoga.
वज्रासन – पेट गैस के लिए योग

बालासन

इसे चाइल्ड पॉज के नाम से भी जाना जाता है इसमें शरीर शिशु की तरह होता है यह आसन करने में काफी आसान व लाभदायक है इस आसन को करने से कब्ज और पेट की गैस दूर होती है।

विधि – सर्वप्रथम अपने आसन पर घुटनो के बल बैठ जाए और टखनो व ऐडीयो को आपस मे लगाऐ। इसके बाद आगे की ओर झुकते हुए पेट को दोनो जांघो के बीच ले जाकर सिर को जमीन पर टिकाए। अब दोनो हाथों को आगे(सामने) की ओर ले जाए व धीरे-धीरे छाती से पैरो पर दबाव डाले। इसके बाद उठकर ऐडीयो पर बैठे। रीढ स्तंभ को सीधा कर आराम करे।

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पेट गैस के लिए योग। pet gas ke liye yoga.
बालासन – पेट गैस के लिए योग

यह थे कुछ एसिडिटी और गैस के लिए योग (yoga for acidity and gas) आशा है कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी धन्यवाद।

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