मंगलवार व्रत कथा। Mangalvar vrat katha (kahani).

मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करते हैं। हनुमान जी हमे भय से मुक्ति दिलाते है, इनके नाम जाप मात्र से ही हम भय मुक्त...

बृहस्पतिवार की कथा। Brihaspatiwar ki katha (kahani).

भगवान् बृहस्पतिदेव की पूजा - अर्चना के लिए बृहस्पतिवार को व्रत करके , बृहस्पतिवार...

करवा चौथ की कथा। Karwa chauth ki katha ।

करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। ...

व्यायाम के प्रकार तथा व्यायाम करते समय बरतने वाली सावधानियां

स्वस्था व शरीर के विभिन्न अंगों पर जिन व्यायामों का प्रभाव पड़ता है ये...

सुपरफूड मोरिंगा पाउडर के फायदे। Moringa powder benefits in Hindi.

मोरिंगा पाउडर को सहजन वृक्ष के वृक्ष से प्राप्त किया जाता हैं, सहजन...

बृहस्पतिवार की कथा। Brihaspatiwar ki katha (kahani).

भगवान् बृहस्पतिदेव की पूजा - अर्चना के लिए बृहस्पतिवार को व्रत करके , बृहस्पतिवार की व्रत कथा को पढ़ने अथवा किसी दूसरे स्त्री -...

गणेश जी और बूढ़ी माई की कहानी । ganesh ji or budee maai ki kahani

गणेश जी और बूढ़ी माई की कहानी : कुछ समय पहले की बात है एक बुढ़िया माई थी जो हर दिन मिट्टी से बने हुए...

जानिए माघी पूर्णिमा का महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

" माघ पूर्णिमा व्रत या माघी पूर्णिमा हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता हैं । 27 नक्षत्रो में...

sankashti Ganesh Chaturthi 2022 : पूजा विधि, व्रत कथा और कहानी

संकष्टी चतुर्थी 2022 तिथि: संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकट को हराने वाली चतुर्थी। भगवान गणेश अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं,...

सोम प्रदोष व्रत कथा : som Pradosh Vrat Katha , kahani

प्रदोष का दिन भगवान शिव को अति प्रिय माना गया है , इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से निर्धन को धन...

एकादशी के व्रत में क्या खाएं , सभी 26 एकादशीयों के फलाहार। ekadashi ke vrat mein kya khana chahie.

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। एकादशी का व्रत रखने वाले मनुष्य को एकादशी के व्रत में क्या खाएं अथवा फलाहार का पालन करना चाहिए। प्रत्येक एकादशी में किसी विशेष फलाहार का प्रयोग किया जाता है यहां सभी 26 एकादशीयों के फलाहार की जानकारी दी गई है

धरती माता की कहानी|dharti mata ki kahani(katha).

धरती माता की कहानी - प्राचीन समय की बात है एक गांव में एक मां और उसका बेटा-बेटी रहा करते थे। माँ गरीब थी, वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरती थी। धीरे-धीरे दिन गुजरते गये और बच्चे बड़े होने लगे। बेटी शादी के योग्य हो गई तब मां बूढ़ी हो गई। मां ने अपने बेटे से कहा कि बेटा तेरी बहन शादी के योग्य हो गई है इसलिए तेरे जैसा घर वर देखकर उसकी शादी करना।

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