झपकी लेने के फायदे जानकर हो जाओगे हैरान।और लोगों के सोने के पैटर्न के चौंकाने वाले तथ्य।

हेल्थ और फिटनेसझपकी लेने के फायदे जानकर हो जाओगे हैरान।और लोगों के सोने के पैटर्न के चौंकाने वाले तथ्य।

आज के समय में दिनभर की भागदौड़ तथा स्ट्रेस लोगों को थका देता है। दिन भर के काम के बाद हालत ऐसी हो जाती है कि जब लोग घर पहुंचते हैं तो वह कुछ भी करने लायक नहीं रहते। अगर आप भी सुबह से काम करते करते थक जाते हैं तो आप दोपहर में थोड़ी सी नींद या झपकी ले सकते हैं। दोपहर में लगभग 20 मिनट की ली हुई झपकी आपकी सारी थकान को दूर कर देती है तथा आप को तरोताजा महसूस होता है। झपकी आपकी कार्य करने की क्षमता और यादाश्त में बढ़ोतरी करती हैं।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार देखे तो work-from-home के दौरान लोगों ने वर्किंग ओवर में औसतन 3 घंटे की बढ़ोतरी हुई है इससे थकावट और तनाव बढ़ा है ऐसे में दिन में ली गई 10 से 20 मिनट की झपकी कारगर साबित हो सकती है इसे रिएक्शन टाइम तथा अल्टरनेंस बढ़ती है। हालांकि हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार 30 मिनट से अधिक कि झपकी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इससे ताजगी की जगह थकावट महसूस हो सकती हैं। अतः झपकी का टाइम 10 से 20 मिनट होना चाहिए इससे अधिक टाइम की झपकी नहीं लेनी चाहिए।

झपकी लेने के एक नहीं अनेकों फायदे है तो आइए जानते हैं झपकी लेने के फायदों के बारे में। और बताएंगे आपको सोने के पैटर्न के चौंकाने वाले तथ्य।

झपकी लेने के फायदे।

1. झपकी से याददाश्त अच्छी होती है तथा बच्चे शब्द जल्दी सीखते हैं।

झपकी लेने के फायदे जानकर हो जाओगे हैरान।और लोगों के सोने के पैटर्न के चौंकाने वाले तथ्य।
झपकी लेने के फायदे

विले ऑनलाइन लाइब्रेरी के शोध के अनुसार झपकी से बच्चे शब्द जल्दी सीखते हैं तथा याद रखने की क्षमता बढ़ती हैं। इससे आपके सोचने समझने की क्षमता का विकास होता है। इसलिए आप अगर मेमोरी पावर इंप्रूव करना चाहते हैं तो दोपहर में एक बार जबकि अवश्य लें।

2. ब्लड प्रेशर घटता है।

झपकी लेने के फायदे जानकर हो जाओगे हैरान।और लोगों के सोने के पैटर्न के चौंकाने वाले तथ्य।

जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं उनको यह जानकर खुशी होगी कि झपकी लेने से ब्लड प्रेशर घटता है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार झपकी ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए जो लोग ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए दवाइयां खाते हैं उनको दोपहर में एक बार झपकी जरूर लेनी चाहिए।

3. इम्यूनिटी पावर बढ़ती है।

झपकी लेने का एक फायदा यह भी है कि इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। तथा शरीर रोगों से लड़ने में अधिक सक्षम हो जाता है। वेब एमबी के अनुसार झपकी लेने से महिलाओं में इम्यूनिटी बढ़ती है। खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को फायदा होता है क्योंकि उन्हें मेनोपॉज की शुरुआत होने लगती हैं।

4. स्ट्रेस कम होता है।

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झपकी लेने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह आपके दिन भर के स्ट्रेस को दूर कर देता है। झपकी लेने से स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन नियंत्रित होते हैं। इससे स्ट्रेस बढ़ाने वाला हार्मोन नोरपाइफ्रीन का स्राव नियंत्रित होता है।

5. अलर्टनेस बढ़ती है।

हर कार्य में अलर्ट रहना जरूरी है। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं और अलर्ट नहीं है तो आप का एक्सीडेंट हो सकता है। झपकी लेने से शरीर की थकावट दूर हो जाती है जिससे अलर्टनेस बढ़ती है। इसलिए अगर आपके शरीर में थकावट है और आप अलर्ट नहीं रह पा रहे हैं तो एक बार झपकी लेले। झपकी आपके अलर्ट ने इसको वापस ले आती है।

6. हृदय की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है।

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झपकी लेने के फायदे

झपकी लेने से शरीर की थकावट दूर हो जाती है तथा रिलैक्स महसूस करते हैं इससे शरीर की नसों को आराम मिलता है जिससे हृदय की कार्य क्षमता बढ़ती है। झपकी लेते समय न्यूरोटॉक्सिक का स्तर काफी कम हो जाता है जिससे नसों तथा मांसपेशियों को आराम मिलता है और यह रिलैक्स होती है।

नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार दिन में जबकि लेने से इतनी एनर्जी मिलती है जितनी पूरी रात को सोने में मिलती है। नैप के प्रभाव पर शोध करते हुए पाया कि झपकी लेने से व्यक्ति के मूड, कार्य करने की क्षमता तथा प्रदर्शन में तेजी से सुधार होता है। ब्रोक विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान तथा तंत्रिका विज्ञान के प्रोफेसर किम्बर्ली कोटे के अनुसार लंबे समय तक ली गई झपकी आपको गहरी नींद में डाल सकती हैं। इसलिए 10 से 20 मिनट तक की झपकी ही लेना चाहिए।

लोगों के सोने के पैटर्न के बारे में दिलचस्प जानकारी।

  • 52% लोग रात को 11:00 से 1:00 के बीच सोते हैं।
  • 77% लोगों को ऑफिस में काम के वक्त नींद आती है।
  • 31% लोग 7 घंटे से भी कम सोते हैं।
  • 80% लोगों को इनसोम्निया है।
  • 88% लोग रात को नींद के वक्त एक से दो बार उठते हैं।
  • आंख में से 40% लोगों को पीठ के  दर्द की समस्या है।
  • दिल्ली वाले 27% लोग रात को जागे रहते हैं क्योंकि स्मार्टफोन तथा लैपटॉप्स में शौ देखते हैं और 20% लोग सोशल मीडिया फीड को स्क्रोल करते हैं।

जबकि लोगों को 7 से 8 घंटे सोना चाहिए