तेजी से सिकुड़ रहा है सुंदरवन जिस सुंदरी वृक्ष के कारण…… ।

भारततेजी से सिकुड़ रहा है सुंदरवन जिस सुंदरी वृक्ष के कारण...... ।

यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल 102 द्वीपों का समूह सुंदरवन का तट दुनिया में सबसे तेज गति से सिकुड़ रहा है। नासा की सेटेलाइट ऐमेजो से पता चलता है कि भारत के सुंदरवन में पिछले दो दशक में समुद्र का स्तर हर साल औसतन 3.6 मिलीमीटर बढ़ा है। जिस कारण 4 दशक में यह क्षेत्र 12 फ़ीसदी तक सिकुड़ चुका है। वहीं पिछले तीन दशक में सुंदरवन का तापमान भी 0.5 डिग्री सेल्सियस प्रति वर्ष बढ़ रहा है। इसकी रफ्तार वैश्विक औसत 0.6 डिग्री से लगभग 8 गुना ज्यादा है ।

जिस सुंदरी वृक्ष के कारण नाम पड़ा सुंदरवन उसी की संख्या में हो रही है गिरावट।

सुंदरवन

सुंदरी वृक्ष के कारण इसका नाम सुंदरवन पड़ा उसी की संख्या में 70 साल में 76% कमी हुई है। लगातार इन वृक्षों की संख्या में कमी हो रही है। जिसने देश के साथ-साथ पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल मैनग्रोव जंगल, बंगाल टाइगर और इरावडी डॉल्फिन समेत अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध सुंदरवन पर खतरे से पर्यावरणविद चिंता जता रहे हैं।

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बंगाल टाइगर

पिछले 5 साल से इसके संरक्षण पर काम कर रहे एनजीओ पुरोनो कोलतार गोल्पो के प्रमुख तथा पर्यावरणविद जयंत सेन के अनुसार सुंदरवन का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच मैनग्रोव के जंगल थे जो धीरे-धीरे कमजोर हो गया हैं। पश्चिम बंगाल में climate change( जलवायु परिवर्तन) पर आयें एक्शन प्लान 2012 मैं बताया गया था कि संरक्षित क्षेत्र होने के बावजूद 1989 के बाद 5% वन क्षेत्र कम हो गया।

पिछले 4 दशक में 12 फीसदी तक घट गया सुंदरवन तथा तापमान वैश्विक औसत से 8 गुना तेजी से बढ़ रहा है।

मैंग्रोव वन तीव्रता श्रेणी 5 से 3 तक के तूफान को काम करने में सक्षम है।

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मैंग्रोव वनों को तूफानों की तीव्रता कम करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। फ्लोरिडा विश्वविद्यालय में 2013 की रिसर्च के अनुसार मैंग्रोव वन तूफान की तीव्रता श्रेणी 5 से श्रेणी 3 तक कम करने में सक्षम होते हैं। मैंग्रोव वनों की प्रमुख प्रजाति सुंदरी वृक्ष के कारण ही इसका का नाम सुंदरवन पड़ा है। लेकिन 70 साल में इनकी संख्या 76% तक कम हो गई। यही कारण है कि इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर मैं इस प्रजाति को खतरे में बताते हुए इसका नाम रेड डाटा बुक में दर्ज किया है।

23 साल में 13 सुपर साइक्लोन, 3 साल में फनी, बुलबुल तथा अम्फान भी।

समुंदर स्तर तथा तापमान में वृद्धि के कारण बंगाल की खाड़ी दुनिया भर में सबसे अधिक तूफान झेलने वाला क्षेत्र है। इन 23 सालों में सुंदरवन में 13 सुपर साइक्लोन आए हैं। 2019 के बाद 1 साल में तीन फैनी ,बुलबुल, अफान ऐसे तीन चक्रवाती तूफानों का सामना करना पड़ा है।

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साइक्लोन

मेग्रोव की सुरक्षा कवच के कारण ही कोलकाता ऐसे तूफानों से बच पाया है। हालांकि अम्फान ने बता दिया कि कोलकाता( joycity) ऐसे तूफानों के आगे कितना कमजोर है। यही नहीं मैंग्रोव वनों के कारण मिट्टी का कटान भी कम होता है। तथा इनसे भूकंप की तीव्रता भी कम होती है। इसी कारण वन विभाग ने सुंदरवन में मैंग्रोव पौधों के 50000000 पौधे लगाए हैं।

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मिट्टी का कटाव

यह जो मैंग्रोव वनस्पति होती है वह सामान्यतः दलदली मिट्टी में होती है तथा इसकी जड़े बाहर की तरफ ऊपर निकली हुई रहती है। यह मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायक होती है। मैंग्रोव वन पर्यावरण के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं। और असंख्य के जीवो को आश्रय प्रदान करते हैं। पर्यावरण तथा पारिस्थितिक तंत्र को बचाने के लिए बदलते वातावरण मैं वनों का रखरखाव जरूरी है।

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