संकट चौथ व्रत

पंचांगसंकट चौथ व्रत

इस व्रत की विशेषता यह है कि यह सभी माह के कृष्ण चतुर्थी को किया जाता है। यदि चतुर्थी दो दिन में पड़ जाए तो यह पहले दिन को व्रत करना चाहिए।

कैसे किया जाता है संकट चौथ व्रत


उस दिन व्रत करने वाली कन्या या स्त्री अथवा पुरुष को शक कर्म करते हुए अथार्थ स्नानादि, स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत करने का मन में संकल्प करें।

इस संकल्प को करने के बाद दिनभर मोन रहे सायं काल के समय पुनः स्नान करके वेदी पर श्री गणेश जी की मूर्ति या छवि स्थापित करें और धूप, दीप,गंध पुष्प, अक्षत ,रोली आदि से पूजन करें दूर्वा अर्पित करें और नमस्कार करें। फिर मोदक, सुपारी ,मूंग और दक्षिणा रखकर बायना देवे।

इसके बाद चंद्रोदय होने पर चंद्रमा का गंध पुष्प आदि से पूजन करके और प्रार्थना करें
“हे! गणेश जी मेरे व मेरे परिवार के सभी संकट दूर करो तथा हमारे यहां सुख शांति प्रदान करो”।