हृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.

Healthहृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.

हृदय रोग के लक्षण और हृदय रोग की पहचान के लिए डॉक्टर व्यक्ति को ट्रेडमिल पर दौड़ाकर स्ट्रैंथ टेस्ट करवाते हैं। लेकिन कुछ उपाय ऐसे हैं जिनको स्वयं अपना कर हृदय रोग के लक्षणों की पहचान कर सकते हैं।

दिल(हार्ट)की बीमारी लगभग हर उम्र के इंसान में देखने को मिल सकती हैं। इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में जीवन का अव्यवस्थित पैटर्न तथा अनुचित खान-पान के चलते दिल के रोगियों में वृद्धि हो रही है। अक्सर हमें सुनने को मिल जाता है कि इतनी कम उम्र में दिल की बीमारी कैसे हो गई। लेकिन अचानक कुछ नहीं होता हर बड़ी बीमारी की शुरुआत सूक्ष्म रूप से ही होती है।

European Society of cardiology के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 1 मिनट में 40 या उससे अधिक सीढ़ियां चढ़ता है तो उसका हार्ट स्वस्थ है। ऐसे व्यक्ति को भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा कम रहता है। और यदि कोई व्यक्ति 40 सीढ़ियां चढ़ने में 90 सेकंड से अधिक का वक्त लेता है तो यह अस्वस्थ हार्ट का सूचक हो सकता। लेकिन व्यक्ति को यह स्वयं नहीं मानना चाहिए उसे चिकित्सक को अवश्य दिखाना चाहिए।कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिनके द्वारा हम आसानी से पता लगा सकते हैं। कि हमारा दिल स्वस्थ है या नहीं। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही लक्षणों के बारे में। यहां कुछ ऐसे लक्षणों की सूची दी गई है जिससे आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपको दिल की बीमारी है या नहीं।

हृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.

1.सांस लेने मे दिक्कत होना।

सीधा सोते वक्त व कार्य करते समय सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसा तब होता है जब हार्ट ठीक से पंप नहीं करता है और द्रव के फेफड़ों में पहुंचने से सांस लेने में दिक्कत होती है। यदि आपने कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत महसूस की है और आपने देखा है कि सोते समय भी आपकी सांस फूल रही है तो यह दिल की कमजोरी के लक्षण हो सकते हैं। दिल के कमजोर होने पर द्रव फेफड़ों में पहुंच जाता है जिससे सांस फूलने लगती हैं और आप रोज़ाना के सामान्य काम करने में भी थक जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेनी चाहिए।

2. हार्टबीट का बढ़ना।

जब हार्ट सामान्य रूप से खून को पंप नहीं कर पाता है तो खून को सभी अंगों में पहुंचाने के लिए हार्ट तेजी से धड़कने लगता है जिससे हार्टबीट बढ़ जाती है। यदि दिल खून को सही पंप नहीं कर पा रहा है तो वह खून को सभी अंगों तक पहुंचाने के चक्कर में तेजी से धड़कने लगता है अर्थात दिल प्रति मिनट सामान्य से अधिक धड़कने लगता है जिसे हार्टबीट बढ़ जाती हैं। यदि हार्टबीट सामान्य से अधिक हो रही है तो ऐसे लक्षणों को अनदेखा ना करें क्योंकि यह हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

3. थकान होना।

जब शरीर इतना खून पंप नहीं करता है कि वह अंगों तक पहुंच पाए तो शरीर मांसपेशियों का खून अंगों में पहुंचा देता है जिससे थकान होने लगती हैं। शरीर में थकान हार्ट की नली में सूजन तथा इन्फेक्शन के कारण भी हो सकती है। इसके साथ-साथ थकान होना दिल के कमजोर होने की निशानी है। यदि आप भी रोजमर्रा के मामूली काम करने में थक जाते हैं अथवा अधिक थकान होने लगती हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

4.एड़यो के पास सूजन।

जब शरीर में द्रव की मात्रा बढ़ने लगते हैं तो एडियो के पास सुजन आने लगती है ऐसा तब होता है जब हार्ट सही से कार्य नहीं कर रहा हो या सही से पंप नहीं कर रहा हो। इससे अंगों में द्रव जाने लगता है। यदि आपको लगता है कि आपके पेट तथा एड़ियों में सूजन आ रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। जब खून वापिस नसों के हार्ट पुल में नहीं जाता है तो शरीर में सूजन आने लगती हैं।

5. सोचने समझने की क्षमता पर असर होना।

हृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.
heart problem symptoms in hindi.

यदि आपको कुछ दिनों से आपने करीबी से यह सुनने को मिलता है कि आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है और आपको सोचने समझने में उलझन हो रही है तो यह आपके दिल के कमजोर होने की निशानी है। ऐसा आपके खून में रासायनिक बदलाव के कारण हो सकता है। शरीर में सोडियम की मात्रा के घटने बढ़ने से सोचने और समझने की क्षमता पर असर पड़ता है। दिल की कमजोरी से शरीर में खून में रासायनिक बदलाव होने लगते हैं तथा खून में सोडियम की मात्रा घट या बढ़ जाती है। इससे सोचने समझने की क्षमता पर असर पड़ता है तथा उलझन होती है। आप किसी चीज के बारे में सोचना चाह रहे हैं और वह आपको याद नहीं आती है और आप परेशान हो जाते हैं अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से मिलने का समय आ गया है क्योंकि यह हृदय रोग के साथ-साथ अल्जाइमर रोग के लक्षण भी हो सकते हैं। यदि आपको ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

6. सांस लेने पर लगातार खासी या घबराहट होना।

यदि आपको कुछ दिनों से लगातार खांसी हो रही है तथा खांसी के साथ में घबराहट होती हैं तो यह दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। जब दिल कमजोर होता है तो फेफड़ों में द्रव जमा होने लगता है। जिससे सांस लेने पर लगातार खासी अथवा घबराहट होने लगती है। कभी-कभी तो ऐसा होता है कि आपको अचानक तेज घबराहट होने लगती है तथा शरीर शिथिल होने लगता है। साथ में चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। यदि आपको कुछ दिनों से काशी जुखाम है तथा कफ आ रहा है और कफ सफेद या गुलाबी रंग का है तो यह हार्ट फेल की निशानी हो सकता है। ऐसे लक्षणों को अनदेखा ना करें। ऐसा होने पर आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

7. हाथ कमर और जोड़ों में दर्द रहना।

हाथों में दर्द रहना,गर्दन में दर्द रहना और जोड़ों में दर्द रहना दिल की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। यदि आपको भी कुछ दिनों से हाथों, गर्दन और जोड़ों में दर्द महसूस हो रहा है जो पहले से नहीं था तो यह दिल की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर आपको अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

8. कमर बढ़ जाना।

हृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.
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यदि महिलाओं की कमर 31.5 इंच या उससे कम है तो दिल के रोग का खतरा कम होता है। यदि कमर 31.6 से 34.9 इन्च है तो खतरा मध्यम होगा। 35 इंच से अधिक कमर हो जाने पर खतरा अत्यधिक हो जाता है। वहीं पुरुषों की कमर 37 इंच तक  है तो दिल की बीमारी का खतरा निम्नतम होता है।  तथा 37.1-39.9 इन्च है तो दिल की बीमारी का खतरा मध्यम होता है। वही 40 इंच से अधिक होने पर दिल की बीमारी का खतरा अत्यधिक हो जाता है।

9. हाई ब्लड प्रेशर।

हृदय रोग के लक्षण क्या है। heart problem symptoms in hindi.
heart problem symptoms in hindi.

ब्लड प्रेशर का बढ़ना भी दिल की बीमारी की ओर संकेत करता है। हाई ब्लड प्रेशर से आर्टिरीज की दीवारों पर दबाव पड़ता है। जिससे वे सिकुड़ने तथा अकड़ने लगती है।जिससे ह्दय की मांसपेशियां मोटी होकर कमजोर होने लगती हैं। रक्त वाहिनीका सिर से फट सकती है जिससे यह स्ट्रोक का कारण बन सकता है। ब्लड प्रेशर120/80 होना चाहिए। अधिकतम 120 तथा न्यूनतम 80 होना चाहिए। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर का खतरा 65% से अधिक होता है। यदि आपका ब्लड प्रेशर भी सामान्य से अधिक है तो यह हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाए।

हृदय रोग भारत में ज्यादातर लोगों के मौत का कारण बन चुका है। एक शोध के मुताबिक भारत में 1000 में से 272 लोगों की मौत का कारण दिल की बीमारी (heart disease) है। यह आंकड़े अगले 25 सालों में दोगुना हो सकते हैं। इसलिए लोगों को हृदय रोग की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए ताकि वह हृदय रोग के लक्षणों का पता लगाकर समय रहते इस बीमारी का इलाज करवा सके।

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। धन्यवाद।