मंगलवार व्रत कथा। Mangalvar vrat katha (kahani).

मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करते हैं। हनुमान जी हमे भय से मुक्ति दिलाते है, इनके नाम जाप मात्र से ही हम भय मुक्त...

बृहस्पतिवार की कथा। Brihaspatiwar ki katha (kahani).

भगवान् बृहस्पतिदेव की पूजा - अर्चना के लिए बृहस्पतिवार को व्रत करके , बृहस्पतिवार...

करवा चौथ की कथा। Karwa chauth ki katha ।

करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। ...

व्यायाम के प्रकार तथा व्यायाम करते समय बरतने वाली सावधानियां

स्वस्था व शरीर के विभिन्न अंगों पर जिन व्यायामों का प्रभाव पड़ता है ये...

सुपरफूड मोरिंगा पाउडर के फायदे। Moringa powder benefits in Hindi.

मोरिंगा पाउडर को सहजन वृक्ष के वृक्ष से प्राप्त किया जाता हैं, सहजन...

गंगा मैया की संपूर्ण कथा। ganga maiya ki kahani.ganga maiya ki katha. ganga avtaran ki katha.

हम जानेंगे गंगा मैया(माता) की कहानी और इतिहास के बारे में। गंगा माता कैसे आई, गंगा जी कहां जाएगी, गंगा जी को विष्णुपदी और...

नल दमयंती की कहानी (नल दमयंती की कथा)। nal damyanti ki kahani(katha).

नल दमयंती की कथा: निषध देश में वीरसेन के पुत्र नल नाम के एक राजा हो चुके हैं । वे बड़े गुणवान् , परम सुन्दर , सत्यवादी , जितेन्द्रिय , सबके प्रिय , वेदज्ञ एवं ब्राह्मणभक्त थे । उनकी सेना बहुत बड़ी थी । वे स्वयं अस्त्रविद्या में बहुत निपुण थे । वे वीर , योद्धा , उदार और प्रबल पराक्रमी भी थे । उन्हें जूआ खेलने का भी कुछ - कुछ शौक था । उन्हीं दिनों विदर्भ देश में भीम नामके एक राजा राज्य करते थे । वे भी नल के समान ही सर्वगुण सम्पन्न और पराक्रमी थे । उन्होंने दमन ऋषि को प्रसन्न करके उनके वरदान से चार संतानें प्राप्त की थीं — तीन पुत्र और एक कन्या । पुत्रों के नाम थे - दम , दान्त और दमन । पुत्री का नाम था - दमयन्ती । दमयन्ती लक्ष्मी के समान रूपवती थी । उसके नेत्र विशाल थे । देवताओं और यक्षों में भी वैसी सुन्दरी कन्या कहीं देखने में नहीं आती थी । उन दिनों कितने ही लोग विदर्भ से निषध देश में आते और राजा नलके सामने दमयन्ती के रूप और गुण का बखान करते । निषध देश से विदर्भ में जाने वाले भी दमयन्ती के सामने राजा नल के रूप , गुण और पवित्र चरित्र का वर्णन करते

भेरुजी की कथा। भेरू जी महाराज की कथा। bheru ji ki katha.

भेरुजी की कथा : हिंदू धर्म में भैरव को शिव जी का पांचवा रूप माना गया है। भैरव का रूप इतना भयावह है कि...

धर्म को जानने से पूर्व धर्म के आधार को जानना होगा। dharm ke 5 aadhaar.

हमारे मन मे यह प्रश्न रहता है कि धर्म क्या है धर्म के आधार क्या है।धर्म का शाब्दिक अर्थ होता है धारण करने...

सम्राट विक्रमादित्य की मृत्यु कैसे हुई थी। Raja vikramaditya ki Mrityu kaise hui.

इस पोस्ट में हम जानेंगे सम्राट विक्रमादित्य के बारे में तथा सम्राट विक्रमादित्य की मृत्यु कैसे हुई थी।सम्राट विक्रमादित्य का नाम विक्रम सेन था।...

Kumbh mela contest and compose a kumbhsong ।कुम्भ मेला कांसेप्ट और गीत

कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। जिसमें दुनिया भर से लाखों-करोड़ों लोग पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लगाने...

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